
एमपी के चुटका परमाणु ऊर्जा प्लांट को हरी झंडी।
सौरभ सोनी, नईदुनिया, भोपाल। विस्थापन के विवाद में 14 वर्षों से उलझी मंडला जिले की चुटका परमाणु ऊर्जा परियोजना पर अगले वर्ष 2027 से काम शुरू करने की तैयारी है। परियोजना के विस्थापितों को मानसून सीजन के बाद शिफ्ट किया जाएगा। जैसे ही शिफ्टिंग होगी उसके साथ ही परियोजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा। योजना है कि जियो टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन कर प्लांट स्थापित करने का काम प्रारंभ किया जाए। यह किसी निर्माण स्थल पर शुरू होने से पहले, वहां की मिट्टी, चट्टानों और भूजल की स्थिति का पता लगाने की एक तकनीकी प्रक्रिया है।
परियोजना के विस्थापित परिवारों की संख्या 330 है। इनमें से 119 परिवारों को मंडला शहर से चार किलोमीटर दूर बनाई गई कालोनी में शिफ्ट किया जा चुका है। वर्ष 2009-10 में आई चुटका परमाणु ऊर्जा परियोजना स्थापित करने के लिए केंद्र एवं राज्य ने वर्ष 2012 में स्वीकृति दी थी।
इसमें 1400 (700-700) मेगावाट क्षमता की कुल 21 हजार करोड़ की दो परियोजनाओं के लिए करीब 1500 एकड़ भूमि चिह्नित की गई और भूमि का अधिग्रहण कर उसका मुआवजा वितरित किया गया। अब अगले वर्ष से परियोजना पर काम शुरू होता है तो संभवत: वर्ष 2031-32 तक बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा। इस प्लांट से 50 प्रतिशत बिजली मध्य प्रदेश को ही दी जाएगी।
स्थानीय स्तर पर चुटका परियोजना का एनजीओ द्वारा विरोध करते हुए पर्यावरण और स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने का दुष्प्रचार किया गया था। दूसरा मुद्दा विस्थापितों को उचित मुआवजा नहीं मिलने का था। इस विवाद में 14 वर्ष से परियोजना अटकी हुई थी। चुटका परियोजना का विवाद सुलझाने के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी पत्र लिखा था।
इसमें भूमि अधिग्रहण से प्रभावित लोगों का मुआवजा बढ़ाने की बात थी। नई रणनीति के तहत 120 परिवारों को दोबारा मुआवजा दिया गया। राज्य सरकार ने ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में परियोजना की समस्याएं सुलझाने के लिए राज्य स्तरीय समिति गठित की थी। समिति में जल संसाधन, पीडब्ल्यूडी, राजस्व, संभागायुक्त जबलपुर, कलेक्टर मंडला, एवं चुटका परियोजना के पदाधिकारी शामिल किए गए। समिति का कार्यकाल परियोजना का संचालन होने तक रहेगा
परमाणु विद्युत परियोजना का प्लांट बनाने में असल दिक्कत वहां के लोगों द्वारा मुआवजा लेने के बाद भी जमीन खाली नहीं करना रही, न ही नई निर्मित कालोनी में वे शिफ्ट होने के लिए तैयार थे। न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआइएल) द्वारा बनाई गई कालोनी के आवास छोटे होने से भी हितग्राही कालोनी में शिफ्ट नहीं हो रहे हैं। कारपोरेशन का दावा है कि अब यह सभी समस्याएं दूर कर दी गई हैं।
चुटका परमाणु ऊर्जा परियोजना पर विस्थापन का कार्य इस वर्ष के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। जल्द ही परियोजना में जियो टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन का काम शुरू करने की तैयारी है। संभवत: वर्ष 2031-32 तक ऊर्जा उत्पादन शुरू हो जाएगा।- उमेद यादव, प्रवक्ता, न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड।